Cold-pressed Almond Oil (Prunus dulcis) — seed
Cold-pressed Almond Oil — Prunus dulcis. प्रयोज्य अंग: Seed Oil.
चित्र: Internet Archive Book Images / Wikimedia Commons, No restrictions
आयुर्वेदीय द्रव्य

Cold-pressed Almond Oil वाताम

Prunus dulcis

अन्य नाम: शीत-निष्पीडित बादाम तैल

प्रयोज्य अंग: Seed Oil

Cold-pressed Almond Oil — आयुर्वेदीय गुण-कर्म
रसतिक्त (Bitter), कषाय (Astringent)
गुणलघु (Light), रूक्ष (Dry)
वीर्यउष्ण (Hot)
विपाककटु (Pungent)
दोष-कर्मकफ और वात का शमन
प्रभावClassical systemic action

सार-संक्षेप

  • वानस्पतिक नाम: Prunus dulcis
  • प्रयोज्य अंग: Seed Oil
  • दोष-कर्म: कफ और वात का शमन
  • सामान्य मात्रा: आन्तरिक रूप से 5–10 मिली उष्ण दूध के साथ।

Cold-pressed Almond Oil के अन्य भाषाओं में नाम

अंग्रेज़ीCold-pressed Almond
लैटिन (वानस्पतिक)Prunus dulcis
संस्कृतवाताम
हिन्दीCold-pressed Almond Oil

परिचय

शीत-निष्पीडित बादाम तैल Prunus dulcis की गिरी से बिना ऊष्मा के निकाला जाता है, जिससे उसका हल्कापन तथा मृदु सुगन्ध सुरक्षित रहती है। आयुर्वेद बादाम को वाताम के नाम से जानता है।

यह एक स्नेहन द्रव्य है — स्निग्धकारक — जो त्वचा एवं शिर-त्वचा हेतु बाह्य रूप से तथा अल्प मात्रा में आन्तरिक रूप से मृदु पोषक स्नेह के रूप में, विशेषतः स्नायु-संस्थान हेतु, प्रयुक्त होता है।

वर्गीकरण

कुल रोज़ेसी (Rosaceae)। बीज-गिरी से निकाला गया स्थिर तैल। रस: मधुर। गुण: गुरु, स्निग्ध। वीर्य: उष्ण। विपाक: मधुर। दोषघ्नता: वात का शमन; कफ की वृद्धि।

उपयोग एवं लाभ

रूक्षता में त्वचा पर तथा शुष्क, भंगुर केशों हेतु शिर-त्वचा पर लगाया जाता है, और वात-विकारों में अभ्यंग हेतु प्रयुक्त होता है। मेध्य एवं बल्य स्नेहन के रूप में अल्प मात्रा में आन्तरिक रूप से, परम्परागत रूप से उष्ण दूध के साथ, लिया जाता है। यह अनेक सौन्दर्य-योगों में आधार एवं वाहक तैल है।

शुष्क त्वचा एवं शिर-त्वचा हेतु बादाम तैल

हल्का, अचिपचिपा तथा सरलता से अवशोषित होने वाला, यह त्वचा की रूक्षता हेतु तथा उस शिरोभ्यंग हेतु शास्त्रोक्त चयन है जहाँ भारी तैल अनुकूल न हो।

स्नेहन द्रव्य के रूप में बादाम तैल

अल्प आन्तरिक मात्रा में पोषक स्नेह के रूप में प्रयुक्त, विशेषतः वहाँ जहाँ वात ने रूक्षता एवं स्नायविक थकान उत्पन्न की हो।

मात्रा — कितना लें

आन्तरिक रूप से 5–10 मिली उष्ण दूध के साथ। बाह्य रूप से अभ्यंग एवं लेप हेतु आवश्यकतानुसार।

मात्रा आयु, प्रकृति और अवस्था के अनुसार बदलती है — योग्य वैद्य से परामर्श अवश्य लें।

पारम्परिक प्रयोग — शास्त्रों के आधार पर प्रश्नोत्तर

उत्तर इस द्रव्य के लिए अंकित सन्दर्भों तथा गुण-कर्म से लिए गए हैं। कोई ऐसा अध्याय-श्लोक सन्दर्भ नहीं दिया गया जो अभिलेख में न हो।

Cold-pressed Almond Oil का वर्णन किन शास्त्रीय ग्रन्थों में मिलता है?

इस संग्रह में Cold-pressed Almond Oil के लिए निम्न ग्रन्थों के सन्दर्भ अंकित हैं: भावप्रकाश निघण्टु (आम्रादि फलवर्ग — Vatama).

भावप्रकाश निघण्टु में Cold-pressed Almond Oil के विषय में क्या कहा गया है?

मधुर रस, स्निग्ध गुण; बल्य एवं वातहर। सन्दर्भ: भावप्रकाश निघण्टु — आम्रादि फलवर्ग — Vatama.

आयुर्वेद में Cold-pressed Almond Oil किन स्थितियों में प्रयुक्त होता है?

रूक्षता में त्वचा पर तथा शुष्क, भंगुर केशों हेतु शिर-त्वचा पर लगाया जाता है, और वात-विकारों में अभ्यंग हेतु प्रयुक्त होता है। मेध्य एवं बल्य स्नेहन के रूप में अल्प मात्रा में आन्तरिक रूप से, परम्परागत रूप से उष्ण दूध के साथ, लिया जाता है। यह अनेक सौन्दर्य-योगों में आधार एवं वाहक तैल है।

Cold-pressed Almond Oil के आयुर्वेदीय गुण-कर्म क्या हैं?

रस तिक्त (Bitter), कषाय (Astringent), गुण लघु (Light), रूक्ष (Dry), वीर्य उष्ण (Hot), विपाक कटु (Pungent). दोष-कर्म: कफ और वात का शमन. प्रभाव: Classical systemic action.

Cold-pressed Almond Oil को यह दोष-कर्म क्यों दिया गया है?

द्रव्यगुण में दोष-कर्म रस, गुण, वीर्य एवं विपाक से निकलता है। Cold-pressed Almond Oil का वीर्य उष्ण (Hot) है और विपाक कटु (Pungent) — इसी से इसका कर्म बनता है: कफ और वात का शमन.

Cold-pressed Almond Oil का कौन-सा अंग औषधि रूप में प्रयुक्त होता है?

प्रयोज्य अंग: Seed Oil.

Cold-pressed Almond Oil की शास्त्रोक्त मात्रा कितनी है?

आन्तरिक रूप से 5–10 मिली उष्ण दूध के साथ। बाह्य रूप से अभ्यंग एवं लेप हेतु आवश्यकतानुसार। मात्रा आयु, प्रकृति एवं अवस्था के अनुसार बदलती है — योग्य वैद्य से पुष्टि अवश्य करें।

Cold-pressed Almond Oil का प्रयोग कब वर्जित है?

सामान्यतः अत्यन्त सुरक्षित। वृक्ष-मेवा (नट) की एलर्जी अपवाद है और सम्भावित रूप से गम्भीर — नट-एलर्जी वाले किसी भी व्यक्ति को बादाम तैल से, बाह्य लेपों सहित, बचना चाहिए। ध्यान रहे कि कड़वे बादाम का तैल एक भिन्न तथा विषैला उत्पाद है; यहाँ केवल मीठे बादाम का तैल प्रयुक्त होता है।

Cold-pressed Almond Oil कहाँ पाया जाता है?

भारत में बादाम कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में उगाए जाते हैं; अधिकांश व्यापारिक तैल आयातित गिरियों से निकाला जाता है।

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भावप्रकाश निघण्टु — आम्रादि फलवर्ग — Vatama
    मधुर रस, स्निग्ध गुण; बल्य एवं वातहर।
  • आयुर्वेदिक फार्माकोपिया ऑफ़ इंडिया — Vatama Taila
    Prunus dulcis का स्थिर तैल; पहचान एवं प्रयोग।

सुरक्षा एवं सावधानियाँ

सामान्यतः अत्यन्त सुरक्षित। वृक्ष-मेवा (नट) की एलर्जी अपवाद है और सम्भावित रूप से गम्भीर — नट-एलर्जी वाले किसी भी व्यक्ति को बादाम तैल से, बाह्य लेपों सहित, बचना चाहिए। ध्यान रहे कि कड़वे बादाम का तैल एक भिन्न तथा विषैला उत्पाद है; यहाँ केवल मीठे बादाम का तैल प्रयुक्त होता है।

प्राप्ति स्थान

भारत में बादाम कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में उगाए जाते हैं; अधिकांश व्यापारिक तैल आयातित गिरियों से निकाला जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कड़वे बादाम का तैल यही है?

नहीं, और वह परस्पर विनिमेय नहीं है। कड़वे बादाम के तैल में सायनोजनिक यौगिक होते हैं और वह विषैला है। इन योगों में केवल मीठे बादाम का तैल प्रयुक्त होता है।

क्या नट-एलर्जी होने पर इसका प्रयोग हो सकता है?

नहीं। वृक्ष-मेवा की एलर्जी वाले किसी भी व्यक्ति को बादाम तैल से, बाह्य लेपों सहित, बचना चाहिए, क्योंकि प्रतिक्रिया त्वचा के माध्यम से भी हो सकती है।

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