Taila & Asava

Panchgun Tel

पञ्चगुण तैल (Pañcaguṇa Taila)

अन्य नाम: Panchguna Taila, Panch Gun Tel, Panchgun Oil, Panchaguna Tailam

पंचगुण तेल एक पारंपरिक आयुर्वेदिक बाहरी तेल है, जिसका आयुर्वेद में परंपरागत उपयोग वेदना (खिंचाव के बाद मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द), व्रण (छोटे कट और खरोंच) और शोथ (स्थानीय सूजन) में होता है। इसमें निर्गुंडी, नीम, त्रिफला, राल और कपूर हैं। केवल बाहरी उपयोग के लिए।

सावधानी: चिकित्सकीय देखरेख में ही लें इस दवा के लेबल पर यह चेतावनी छपी है। इसे केवल योग्य चिकित्सक की सलाह पर लें और बताई गई मात्रा से अधिक न लें।

पैक का आकार
₹120 MRP सभी करों सहित
  • मुफ़्त डिलीवरी, ऑर्डर ₹699 से ऊपर
  • कैश ऑन डिलीवरी उपलब्ध
  • 24–48 घंटे में भेजा जाता है

कैसे लें: केवल बाहरी उपयोग: दर्द के लिए 5–10 ml हल्का गर्म करके दिन में एक या दो बार धीरे-धीरे मालिश करें। छोटे घाव पर पहले उसे साफ़ करें, फिर साफ़ रुई से कुछ बूँदें दिन में एक या दो बार लगाएँ, या योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशानुसार।

  • आयुर्वेद में परंपरागत रूप से वेदना (खिंचाव के बाद मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द) के लिए
  • परंपरागत रूप से व्रण (छोटे कट और खरोंच) के लिए — नीम और त्रिफला व्रण शोधन और रोपण (सफ़ाई और भराव) में सहायक
  • परंपरागत रूप से निर्गुंडी के साथ शोथहर (स्थानीय सूजन घटाने वाला) बताया गया है
  • परंपरागत रूप से गर्म राल और कर्पूर (कपूर) स्थानीय रूप से वात और कफ संतुलित करते हैं
  • परंपरागत रूप से छोटे दर्द और व्रण (छोटे घाव) के लिए घर का एक तेल माना जाता है

परंपरागत रूप से इनके लिए: Bone & Joint Health Skin Wellness Joint & Pain Relief

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Panchgun Tel के बारे में

पंचगुण तेल, यानी "पाँच गुणों वाला तेल", उत्तर भारत में दर्द, मोच और छोटे घावों के लिए प्रयोग होने वाला एक पारंपरिक बहुउपयोगी बाहरी तेल है। इसे शास्त्रीय आयुर्वेद की तैल पाक (तेल पकाने की) विधि से बनाया जाता है। इसमें क्या है: तिल के तेल को निर्गुंडी (Vitex negundo) और नीम के पत्तों तथा त्रिफला के साथ पकाया जाता है, फिर इसमें राल और सुगंधित तेल मिलाए जाते हैं: चीड़ का राल (गंधबिरोजा), साल का राल (राला), गुग्गुलु, शिलारस, मधुमक्खी का मोम, कपूर, नीलगिरी, कायापुटी और तारपीन का तेल। नीचे की तालिका में हर घटक और उसका भाग दिया गया है। आयुर्वेद इसे कैसे समझता है: निर्गुंडी शास्त्रीय वेदनास्थापन (दर्द कम करने वाली) और शोथहर (सूजन घटाने वाली) औषधि है; नीम और त्रिफला व्रण शोधन और रोपण (घाव को साफ़ करने और भरने में सहायक) हैं; और राल व कपूर गर्म और सुगंधित हैं, जिनका परंपरागत उपयोग स्थानीय रूप से वात और कफ संतुलित करने में होता है। दर्द, सूजन, सफ़ाई, भराव और गर्माहट — यही नाम के "पाँच गुण" हैं। कैसे लगाएँ: दर्द के लिए 5–10 ml हल्का गर्म करके धीरे-धीरे मालिश करें। छोटे कट या खरोंच पर पहले घाव को साफ़ पानी से धोएँ, फिर साफ़ रुई से कुछ बूँदें लगाएँ और ज़रूरत हो तो ढक दें। परंपरा और प्रमाण: ये उपयोग पारंपरिक हैं; तैयार तेल का क्लिनिकल परीक्षण नहीं हुआ है। गहरे, बड़े, गंदे या ख़ून बहते घाव, जानवर का काटना, जलना, संक्रमण के लक्षण (फैलती लाली, मवाद, बुख़ार) और हड्डी टूटने का शक हो तो डॉक्टर को दिखाएँ, और गंदे घाव में टिटनेस की जाँच कराएँ।

शास्त्रीय संदर्भ: Siddha Yoga Sangraha / Ayurvedic Formulary of India, Part II (as printed on the pack label).

Panchgun Tel के घटक

संस्कृतनामवानस्पतिक नामप्रयुक्त भागअनुपातमुख्य कर्म
निर्गुण्डी Samalu Patra Vitex negundo Lf. 15 Part Vedanasthapana, Vata-Kaphahara, Shothahara
नीम Neem Patra Azadirachta Indica Lf. 15 Part Tridoshahara, Deepana, Pachana
हरड़, हरीतकी Haritaki Terminalia chebula Fr. 5 Part Tridoshahara, Anulomana, Rasayana
बहेड़ा Bibhitaka Terminalia belerica Fr. 5 Part Tridoshahara, Deepana, Pachana
आँवला Amalaki Emblica officinalis Fr. 5 Part Rasayana, Vayasthapana, Pittahara
गन्धाबिरोजा Gandaviroja Pinus longifolia Oleo-resin 4 Part Kaphahara, Shoolaghna
मोम Moma Beeswax (Cera alba) Wax 4 Part Vranaropana, Tvachya
राल Rala Shorea robusta Resin 4 Part Grahi, Kushtaghna
गुग्गुल Guggulu Commiphora mukul Gum-resin 4 Part Vedanasthapana, Shothahara, Medohara
शिला Sila Rasa Liquidamber orientalis Balsam (resin) 4 Part Kaphahara, Vedanasthapana
कपूर Karpura Cinnamomum camphora Distilled crystal (camphor) 5 Part Chedana, Hridya, Vedanasthapana
तैलपर्ण Eucalyptus Taila Eucalyptus globulus Leaf oil 2.5 Part Vatahara, Tvachya, Snehana
कयपुत्ती तैल Kejoputi Taila Melaleuca cajuputi Leaf oil 2.5 Part Vatahara, Tvachya, Snehana
तिल Tila Taila Sesamum indicum Seed oil 80 Part Vatahara, Tvachya, Snehana
तारपीन तैल Tarapina Taila Pinus spp. (turpentine) Distilled oleo-resin oil 2.5 Part Vatahara, Tvachya, Snehana

Panchgun Tel की मात्रा और सेवन विधि

केवल बाहरी उपयोग: दर्द के लिए 5–10 ml हल्का गर्म करके दिन में एक या दो बार धीरे-धीरे मालिश करें। छोटे घाव पर पहले उसे साफ़ करें, फिर साफ़ रुई से कुछ बूँदें दिन में एक या दो बार लगाएँ, या योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशानुसार।

सावधानियाँ और किन्हें नहीं लेना चाहिए

केवल बाहरी उपयोग के लिए; निगलें नहीं (कपूर और तारपीन निगलने पर ज़हरीले हैं)। लेबल पर सावधानी छपी है। आँख, नाक और मुँह से दूर रखें। गहरे, बड़े, गंदे या ख़ून बहते घाव, जलने, जानवर के काटने या संक्रमित घाव पर न लगाएँ: डॉक्टर को दिखाएँ और टिटनेस की स्थिति जाँचें। शिशुओं या छोटे बच्चों पर, बच्चे के चेहरे के पास, या गर्भावस्था में बिना सलाह के न लगाएँ। जलन, दाने या छाले हों तो बंद कर दें। बच्चों की पहुँच से दूर रखें।

स्रोत और संदर्भ

पैक लेबल
लेबल पर छपा संदर्भ: (S.Y.S/A.F.I.-II) = Siddha Yoga Sangraha / Ayurvedic Formulary of India, Part II. स्रोत: प्राच्यम पैक लेबल।
शास्त्रीय ग्रंथ
Siddha Yoga Sangraha; Ayurvedic Formulary of India, Part II. Chapter and AFI entry number NOT VERIFIED against the printed texts.
निर्माण विधि
Taila-paka: sesame oil cooked with the herbal paste and liquids on low heat until the water has evaporated, then filtered. Resins, wax, camphor and the essential oils (eucalyptus, cajuput, turpentine) added after cooking.
अनुपान
Not applicable: external use only.
शोध
इस योग का कोई प्रकाशित क्लिनिकल परीक्षण नहीं मिला (PubMed खोज, नवंबर 2026)।

Panchgun Tel — सामान्य प्रश्न

पंचगुण तेल किस काम आता है?

पंचगुण तेल एक पारंपरिक आयुर्वेदिक बाहरी तेल है, जिसका उपयोग वेदना, यानी खिंचाव के बाद मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द में, और व्रण, यानी छोटे कट और खरोंच में होता है। इसकी निर्गुंडी सूजन घटाती है, नीम और त्रिफला घाव को साफ़ करने और भरने में सहायक हैं, और कपूर व राल जगह को गर्माहट देते हैं। यह केवल बाहरी उपयोग के लिए है।

घाव पर पंचगुण तेल कैसे लगाएँ?

कट या खरोंच को बहते साफ़ पानी से धोएँ और थपथपाकर सुखाएँ। साफ़ रुई से तेल की कुछ बूँदें लगाएँ और ज़रूरत हो तो साफ़ पट्टी से ढकें, दिन में एक या दो बार। इसे केवल छोटे, उथले घावों पर लगाएँ। गहरे, खुले, गंदे या ख़ून बहते घाव, काटने या जलने पर डॉक्टर को दिखाएँ।

क्या पंचगुण तेल जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में लगाया जा सकता है?

हाँ, परंपरा में इसे खिंचाव के बाद दर्द वाली मांसपेशियों और जोड़ों पर गर्म करके मला जाता है। 5–10 ml गर्म करें और कुछ मिनट धीरे-धीरे मालिश करें, दिन में एक या दो बार। सूजा हुआ, गर्म और लाल जोड़, गिरने के बाद दर्द जिसमें हड्डी टूटी हो सकती है, या सुन्नपन या कमज़ोरी के साथ दर्द हो तो पहले डॉक्टर को दिखाएँ।

क्या पंचगुण तेल जलने पर लगाया जा सकता है?

नहीं। जली जगह को 20 मिनट तक ठंडे बहते पानी में रखें, और अगर जलन हथेली से बड़ी हो, छाले हों, चेहरे, हाथ या गुप्तांग पर हो, या रसायन या बिजली से हुई हो, तो डॉक्टर को दिखाएँ। ताज़ी जली जगह पर पंचगुण तेल या कोई तेल न लगाएँ, क्योंकि तेल त्वचा में गर्मी रोक लेता है।

पंचगुण तेल के दुष्प्रभाव क्या हैं?

इसमें कपूर, तारपीन और सुगंधित तेल हैं, जो संवेदनशील त्वचा पर जलन या दाने कर सकते हैं। पहले थोड़ी जगह पर लगाकर देखें। निगलने पर यह ज़हरीला है, ख़ासकर बच्चों के लिए, इसलिए सुरक्षित रखें। जलन हो तो बंद करें और धो दें। इसके लेबल पर देखरेख में उपयोग की सावधानी छपी है।

क्या पंचगुण तेल बच्चों के लिए सुरक्षित है?

शिशुओं या छोटे बच्चों पर इसे न लगाएँ, और बच्चे के चेहरे या नाक के पास कभी नहीं, क्योंकि कपूर और तेज़ सुगंधित तेल साँस पर असर डाल सकते हैं और निगलने पर ख़तरनाक हैं। बड़े बच्चों के लिए पहले चिकित्सक से पूछें और छोटी जगह पर थोड़ा ही लगाएँ। शीशी बच्चों की पहुँच से दूर रखें।

क्या पंचगुण तेल एक शास्त्रीय योग है?

पंचगुण तेल एक पारंपरिक योग है, जो शास्त्रीय तैल पाक विधि से निर्गुंडी, नीम और त्रिफला जैसी शास्त्रीय औषधियों से बनता है। प्राच्यम के पैक के लेबल पर इसके संदर्भ ग्रंथ सिद्ध योग संग्रह और आयुर्वेदिक फ़ॉर्मूलरी ऑफ़ इंडिया, भाग II, छपे हैं।

यह एक पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि है। यहाँ दी गई जानकारी शास्त्रीय उपयोग बताती है और चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। यह किसी रोग के निदान या रोकथाम के लिए नहीं है। उपयोग से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श करें, विशेषकर गर्भावस्था, स्तनपान में या कोई दवा चल रही हो तो।

परंपरागत रूप से इसके साथ ली जाने वाली औषधियाँ।

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चन्द्रप्रभा वटी (Chandraprabhā Vaṭī)
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Shothari Mandoor — pack shot

Shothari Mandoor

शोथारि मण्डूर (Śothāri Maṇḍūra)
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Punarnavadi Mandoor — pack shot

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